छत्तीसगढ़ में एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल पर सरकार सख्त, काम पर नहीं लौटे तो होगी बर्खास्तगी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों की हड़ताल लगातार 14वें दिन भी जारी रही। बिलासपुर में कर्मियों ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन करते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल और वित्त मंत्री ओपी चौधरी का मुखौटा पहनकर “क्या हुआ तेरा वादा” गाना बजाया।

सरकार ने दी अंतिम चेतावनी

सरकार ने हड़ताल पर गए कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है। यदि आज शाम तक काम पर वापसी नहीं की गई तो बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले एनएचएम संघ के अध्यक्ष दिलीप मिरी को ज्वाइंट हेल्थ डायरेक्टर की ओर से नोटिस भी जारी किया गया था।

नोटिस में क्या कहा गया?

संयुक्त संचालक ने संघ अध्यक्ष दिलीप मिरी को अल्टीमेटम देते हुए लिखा —

कर्मचारी 18 अगस्त 2025 से अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं।

इन मांगों पर 13 अगस्त को राज्य स्वास्थ्य समिति की बैठक में निर्णय लिया जा चुका है।

इसके बावजूद कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं लौटे हैं, जो लोकहित के खिलाफ है।

यदि 24 घंटे के भीतर कार्यस्थल पर उपस्थिति दर्ज नहीं कराई जाती तो अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए सेवा समाप्त कर दी जाएगी।

कर्मचारी संघ की मांगें और आंदोलन

एनएचएम कर्मचारी लंबे समय से अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। हालांकि, सरकार का दावा है कि इन पर पहले ही सक्षम स्तर पर निर्णय लिया जा चुका है और आवश्यक निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

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